कुछ एओए पदाधिकारियों की मनमानी बनी फ्लैट ओनर्स की परेशानी !!

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बिजली का बिल वसूलने के तरीकों पर विभाग सचेत

NEWS1UP

एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क

गाजियाबाद। शहर की हाईराइज सोसायटियों में कुछ एओए पदाधिकारियों और बिल्डरों की कथित मनमानी अब हजारों फ्लैट ओनर्स पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। फ्लैट ओनर्स की लगातार शिकायतों के बाद पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने प्रीपेड बिजली मीटरों के जरिए कॉमन एरिया मेंटिनेंस (CAM) शुल्क की वसूली पर बड़ा कदम उठाया है।

सिर्फ जोन-1 में लागू होगा विभागीय आदेश

मुख्य अभियंता पवन कुमार गोयल

PVVNL जोन-1 के मुख्य अभियंता पवन कुमार गोयल ने NEWS1UP से विशेष बातचीत में स्पष्ट किया कि 11 मई को जारी विभागीय आदेश फिलहाल केवल शहर के जोन-1 क्षेत्र में लागू होगा। जिसके अंतर्गत वेव सिटी,आदित्य वर्ल्ड सिटी, लैंडक्राफ्ट गोल्फलिंक टाउनशिप, क्रासिंग रिपब्लिक, कविनगर, राजनगर आदि आते हैं। विभाग के अनुसार, लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई सोसायटियों में एओए प्रबंधन और बिल्डर बिजली व्यवस्था का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर रहे थे।

फ्लैट ओनर्स असमंजस में, आगे क्या करें ?

शिकायतों में आरोप लगाया गया कि मेंटिनेंस शुल्क को लेकर सवाल उठाने वाले फ्लैट ओनर्स की बिजली काटने तक की कार्रवाई की जाती थी। कई मामलों में निवासियों का कहना था कि बिना जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) की मंजूरी के शुल्क वसूले गए और विरोध करने वालों पर बिजली काटने की कार्रवाई का दबाव बनाया गया।

सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं शिकायतों के आधार पर विद्युत विभाग ने हस्तक्षेप करते हुए यह आदेश लागू किया। विभाग का मानना है कि बिजली आपूर्ति को मेंटिनेंस वसूली का माध्यम नहीं बनाया जा सकता।

हालांकि विभागीय फैसले के बाद अब एक नई व्यावहारिक समस्या भी खड़ी हो गई है। कई फ्लैट ओनर्स असमंजस में हैं कि वे विभागीय आदेश के साथ जाएं या फिर सोसायटी प्रबंधन के दबाव को देखते हुए पुरानी व्यवस्था जारी रखें। हाईराइज सोसायटियों में सुरक्षा, लिफ्ट, हाउसकीपिंग, डीजी बैकअप और अन्य सुविधाएं मेंटिनेंस फंड पर ही निर्भर होती हैं, ऐसे में एओए प्रबंधन इसे सोसायटी संचालन के लिए जरूरी बता रहे हैं।

फेडरेशन ने भी रखीं अपनी चिंताएं

इसी मुद्दे को लेकर फ्लैट ओनर्स फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी के नेतृत्व में मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचा। फेडरेशन के उपाध्यक्ष एमएल वर्मा, सचिव अतुल जैन और मोनिका गोयल ने अधिकारियों को बताया कि यदि मेंटिनेंस शुल्क की वसूली बाधित हुई तो सोसायटियों के दैनिक संचालन पर असर पड़ सकता है।

एओए की कार्यशैली पर भी उठे सवाल

क्रासिंग रिपब्लिक फ्लैट ओनर्स एसोसिएशन (CROMA) के अध्यक्ष अध्यक्ष तरुण चौहान ने कहा कि- 

तरुण चौहान

विभाग का फैसला उन लोगों को भी बढ़ावा दे सकता है जो जानबूझकर मेंटिनेंस शुल्क नहीं देना चाहते। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ सोसायटियों में एओए पदाधिकारी अपनी मनमानी थोपते हैं और बिजली काटने का डर दिखाकर वसूली करते हैं, जिस पर रोक लगना जरूरी है।

फिलहाल, गाजियाबाद की हाईराइज सोसायटियों में यह मुद्दा तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ फ्लैट ओनर्स राहत महसूस कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सोसायटी प्रबंधन इसे व्यवस्था संचालन के लिए चुनौती बता रहे हैं।

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