महापंचायत से पहले दादरी में सियासी-सामाजिक हलचल, कई लोग घरों में रोके गए

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सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में बुलाई गई थी सर्वजातीय महापंचायत, समाज प्रतिनिधियों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

NEWS1UP

संवाददाता

दादरी। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के विरोध में ब्रह्मपुरी स्थित भगवान परशुराम धर्मशाला में प्रस्तावित सर्वजातीय महापंचायत को लेकर शुक्रवार को दादरी और आसपास के क्षेत्र में दिनभर हलचल बनी रही। महापंचायत से पहले पुलिस प्रशासन द्वारा समाज के कई प्रमुख लोगों को उनके घरों पर ही रोक दिए जाने की चर्चाएं पूरे क्षेत्र में होती रहीं।

बताया गया कि वरिष्ठ ब्राह्मण नेता एवं समाजसेवी पंडित पीताम्बर शर्मा को चिटहेरा स्थित उनके आवास पर पुलिस निगरानी में रखा गया। इसी तरह अधिवक्ता कपिल शर्मा को ग्राम बील अकबरपुर स्थित निवास से बाहर नहीं निकलने दिया गया। मास्टर परमानंद शर्मा को भी दादरी स्थित घर पर ही रोक दिया गया। नगर पालिका परिषद चेयरमैन गीता पंडित के आवास पर भी पुलिस पहुंची, हालांकि तब तक वह किसी अन्य कार्यक्रम के लिए घर से निकल चुकी थीं।

महापंचायत से पहले पुलिस द्वारा घर पर ही रोके गए मास्टर परमानन्द शर्मा

शाम तक महापंचायत को स्थगित कर दिया गया। इसके बाद समाज के कई प्रतिनिधि चिटहेरा गांव स्थित पंडित पीताम्बर शर्मा के आवास पर एकत्र हुए। यहां से एक प्रतिनिधिमंडल ने IPS दीक्षा भूरिया, SSI दीनानाथ यादव और SI यशपाल शर्मा को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की।

पंडित पीताम्बर शर्मा ने कहा कि समाज शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी भावनाएं व्यक्त करना चाहता है, लेकिन उसे रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के सम्मान के विरुद्ध टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।

नगर पालिका परिषद चेयरमैन गीता पंडित ने कहा कि किसी भी समाज की माताओं, बहनों और बेटियों को लेकर अमर्यादित टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भाषा के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने शांतिपूर्ण महापंचायत को रोकने पर भी सवाल उठाए।

वहीं अधिवक्ता कपिल शर्मा ने समाज के लोगों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराना सभी को अधिकार प्राप्त है।

इस दौरान डॉ. वंदना वशिष्ठ, रामकुमार शर्मा, जय शिव शर्मा, सुधीर वत्स, सोनू भगत, शिव कुमार कौशिक, संजय शर्मा, रामवीर शर्मा, हरिओम दरोगा, सुभाष गौतम, लक्ष्मण शर्मा, अभिषेक मैत्रेय, टीकाराम शर्मा, सतीश शर्मा, मांगेराम शर्मा, विजय शर्मा, हरेन्द्र कांत शर्मा और गौरव वशिष्ठ सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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