महागुनपुरम में फूटा रेजिडेंटस का गुस्सा ! बिल्डर-एओए के खिलाफ सैकड़ों लोगों का प्रदर्शन

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मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों की वसूली, सुविधाएं फिर भी बदहाल

बिल्डर, एओए और मेंटेनेंस एजेंसी पर गंभीर आरोप

NEWS1UP

एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क

गाजियाबाद। एनएच-9 स्थित महागुनपुरम सोसाइटी में रविवार को निवासियों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। सैकड़ों रेसिडेंट्स ने बिल्डर, एओए और मेंटेनेंस एजेंसी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए पूरे परिसर में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी निवासी मार्च करते हुए मेंटेनेंस एजेंसी के कार्यालय तक पहुंचे और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

बिजली बिल को लेकर भी बड़ा आरोप

प्रदर्शन कर रहे लोगों के अनुसार, करीब 1700 फ्लैट्स से मेंटेनेंस एजेंसी हर महीने बिजली का बिल एडवांस में वसूलती है। आरोप है कि बिजली विभाग का लगभग 80 लाख रुपये मासिक बिल आने के बावजूद एजेंसी पूरी राशि जमा नहीं करती और कई बार केवल 30 लाख रुपये तक ही भुगतान किया जाता है।

निवासियों ने आशंका जताई कि यदि यही स्थिति रही तो भविष्य में सोसायटी पर भारी बकाया और बिजली संकट खड़ा हो सकता है।

अवैध पार्किंग बेचने का भी आरोप

रेसिडेंट्स ने आरोप लगाया कि सोसायटी के कॉमन एरिया में अवैध तरीके से कार पार्किंग बनाकर बेची गई है। उनका कहना है कि नियमों की अनदेखी कर व्यावसायिक लाभ कमाने का प्रयास किया गया।

बदहाल सुविधाओं पर फूटा गुस्सा

प्रदर्शन के दौरान एसटीपी, लिफ्ट सुरक्षा, फायर एनओसी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ग्रीन बेल्ट की बदहाली, बेसमेंट में जलभराव और सुरक्षा संबंधी खामियों जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। निवासियों का कहना है कि वर्षों से समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन समाधान के बजाय केवल आश्वासन दिए जाते रहे हैं।

एओए पदाधिकारियों पर भी उठे सवाल

रेसिडेंट्स ने एओए पर निष्पक्ष तरीके से काम नहीं करने का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि लंबे समय से जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) बुलाने की मांग की जा रही है, लेकिन एओए पदाधिकारी इसे लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं।

साथ ही वित्तीय पारदर्शिता नहीं रखने और निवासियों को सही जानकारी न देने के भी आरोप लगाए गए।

प्रशासन को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान निवासियों ने साफ कहा कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा तथा जिलाधिकारी कार्यालय पर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि कई निवासियों द्वारा बिल्डर, एओए और मेंटेनेंस एजेंसी के खिलाफ जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायतें भी भेजी जा चुकी हैं।

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