झुलसा देने वाली गर्मी से हाहाकार, दिन ही नहीं रातें भी बनीं मुसीबत
NEWS1UP
डेस्क
उत्तर भारत इस समय आग उगलते आसमान और तपती हवाओं की गिरफ्त में है। उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक सूरज का प्रचंड रूप लोगों की दिनचर्या पर भारी पड़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ताजा चेतावनी ने हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। यूपी के कई जिलों में अगले तीन दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट लागू कर दिया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और खतरनाक हो सकता है।
यूपी में ‘सीवियर हीटवेव’ का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार 23 मई तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्से भीषण लू की चपेट में रहेंगे। बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के कई जिलों में दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहने की आशंका जताई गई है। तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक हालात इतने गंभीर हैं कि रात में भी गर्म हवाओं से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इसे “वॉर्म नाइट कंडीशन” माना जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
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दिल्ली-एनसीआर बना ‘हीट चैंबर’
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में भी सूरज कहर बरपा रहा है। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए आईएमडी ने चेतावनी का स्तर बढ़ाकर येलो से ऑरेंज अलर्ट कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक दिल्ली में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना बेहद कम है।
दिल्ली के कई इलाकों में दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं। तेज गर्म हवाएं और उमस लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक लू के संपर्क में रहने से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है।
क्यों बढ़ रही है गर्मी ?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी हवाओं और सूखे वातावरण के कारण उत्तर भारत में गर्मी का असर तेजी से बढ़ा है। बारिश की संभावना फिलहाल बेहद कम है, जिससे अगले सात दिनों तक राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और हृदय व सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।
खुद को ऐसे रखें सुरक्षित
धूप में निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें।
हल्के रंग और ढीले सूती कपड़े पहनें।
लगातार पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का सेवन करें।
प्यास न लगे तब भी शरीर को हाइड्रेट रखें।
बच्चों और बुजुर्गों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें।
घर और दफ्तरों में अग्निशामक यंत्र जरूर रखें।
तेज धूप में भारी शारीरिक काम करने से बचें।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
भीषण गर्मी को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। बिजली और पानी की आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, नगर निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए हैं।
फिलहाल उत्तर भारत के लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है, आखिर इस तपिश से राहत कब मिलेगी ? मौसम विभाग के मौजूदा संकेत फिलहाल राहत के बजाय और सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं।