दुनिया के सबसे गर्म शहरों में शामिल हुए नोएडा और गाजियाबाद, अगले 7 दिन राहत के आसार नहीं

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दिल्ली-एनसीआर में रेड अलर्ट, लू के थपेड़ों से बेहाल लोग

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद इस समय आग उगलती गर्मी की चपेट में हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में नोएडा और गाजियाबाद का नाम भी शामिल हो गया है।

22 मई की रात 10 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार दुनिया के टॉप 50 सबसे गर्म शहरों में भारत के 35 शहर शामिल रहे। इनमें नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, रायपुर, नागपुर और चंद्रपुर जैसे शहर प्रमुख हैं। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर दी है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। दिल्ली समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद भी ऑरेंज अलर्ट लागू रहेगा।

45 से 47 डिग्री तक पहुंचा तापमान

उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। विदर्भ के ब्रह्मपुरी में सबसे अधिक 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं नोएडा और गाजियाबाद में भी तपिश लोगों को बेहाल कर रही है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।

लू का खतरा बढ़ा

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 6 से 7 दिनों तक उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में लू का प्रकोप जारी रहेगा। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

पहाड़ों में राहत, मैदानों में आफत

जहां मैदानों में गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है, वहीं पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू एंड कश्मीर में जल्द मौसम बदलने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर देश के 13 राज्यों में तूफानी बारिश और आंधी की संभावना भी व्यक्त की गई है, जिससे कुछ इलाकों को राहत मिल सकती है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

नोएडा और गाजियाबाद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह जारी की है। लगातार बढ़ती गर्मी के चलते बिजली और पानी की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।

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