औद्योगिक असामंजस्य पर सरकार सख्त, उच्च स्तरीय समिति गठित, जमीनी जांच शुरू

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गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक तनाव पर बड़ा कदम

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ/नोएडा। जनपद गौतमबुद्ध नगर में हालिया औद्योगिक असामंजस्य और श्रमिक-असंतोष की घटनाओं के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा और त्वरित कदम उठाया है। औद्योगिक शांति और सौहार्द बहाल करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो सीधे मौके पर पहुंचकर हालात का आकलन कर रही है।

सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में उद्योगों और श्रमिकों के बीच बढ़ते तनाव ने कानून-व्यवस्था पर भी असर डालना शुरू कर दिया था। ऐसे में शासन ने संवाद और समाधान के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने की रणनीति अपनाई है।

कौन-कौन हैं समिति में शामिल ?

इस अहम समिति की कमान औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश को सौंपी गई है।

उनके साथ 

अपर मुख्य सचिव, MSME विभाग

प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग

सदस्य सचिव (कानपुर से नामित अधिकारी)

इसके अलावा, समिति को संतुलित और प्रतिनिधिक बनाने के लिए

5 श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि

3 उद्यमी संघों के प्रतिनिधि

भी शामिल किए गए हैं।

मौके पर पहुंची टीम, शुरू हुई जांच

सूत्रों के मुताबिक, समिति पहले ही गौतमबुद्ध नगर पहुंच चुकी है और प्राथमिकता के आधार पर घटनाओं की जांच शुरू कर दी गई है। समिति विभिन्न पक्षों, श्रमिकों, प्रबंधन और प्रशासन से बातचीत कर वास्तविक कारणों और समाधान के रास्तों पर काम कर रही है।

जल्द आएगी रिपोर्ट, बड़े फैसलों के संकेत

सरकार ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह शीघ्र अपनी रिपोर्ट (आख्या) प्रस्तुत करे, ताकि हालात के अनुसार ठोस और दीर्घकालिक फैसले लिए जा सकें। संकेत मिल रहे हैं कि रिपोर्ट के आधार पर श्रमिकों की मांगों पर निर्णय, औद्योगिक नीतियों में सुधार और भविष्य में ऐसे विवाद रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी की जा सकती हैं।

गौतमबुद्ध नगर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है। यहां किसी भी प्रकार का असामंजस्य न केवल स्थानीय बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और निवेश माहौल पर भी असर डाल सकता है।

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