गाजियाबाद से बड़ी खबर: 7.31 लाख मतदाताओं के नाम पर संकट, सत्यापन में चौंकाने वाले खुलासे!
बीएलओ की रिपोर्ट में मृतक, स्थानांतरित
और डुप्लीकेट वोटरों की पोल खुली
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत कुल 28,37,991 मतदाताओं का सत्यापन कार्य जारी है। अब तक 48.40% मतदाताओं ने अपने प्रपत्र जमा कराए हैं, जबकि 25.79% मतदाता ऐसे हैं जिनके फॉर्म अब तक जमा नहीं हो सके। प्रशासन की मानें तो यह बड़ा हिस्सा वोटर लिस्ट से बाहर हो सकता है। यानी लगभग 7,31,786 मतदाताओं के नाम हटने की नौबत आ गई है, जो वाकई चौंका देने वाला आंकड़ा है।
सत्यापन में क्या निकला ?
जिन मतदाताओं के फॉर्म नहीं मिले, उनमें कई श्रेणियों में अनियमितताएं उजागर हुई हैं-
-
मृतक मतदाता: 1.89% (कुल 53,624)
-
पते पर न मिलने वाले: 11.64% (कुल 3,30,379)
-
स्थायी रूप से स्थानांतरित: 10.88% (कुल 3,08,895)
-
डुप्लीकेट वोटर: 0.68% (कुल 19,307)
-
अन्य श्रेणी: 0.69% (कुल 19,578)
ये आंकड़े बताते हैं कि जिले में मतदाता सूची को लेकर गंभीर विसंगतियाँ सामने आई हैं।
10 लाख से अधिक मतदाताओं ने नहीं दी महत्वपूर्ण जानकारी
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि दस लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने फॉर्म में यह स्पष्ट नहीं किया कि वर्ष 2003 में वे या उनके परिजन किस बूथ के मतदाता थे। इस कारण बीएलओ इनकी मैपिंग नहीं कर पाए, जिससे प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है।
राजनीतिक दलों को मिलेगी अंतरिम लिस्ट
निर्वाचन विभाग के सूत्रों के अनुसार, सत्यापन के आधार पर तैयार अंतरिम मतदाता सूची जल्द ही सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
फिलहाल राहत की बात यह है कि यदि कोई मतदाता अब भी अपना फॉर्म जमा कर देता है और उसका सत्यापन हो जाता है, तो उसका नाम हटने से पहले रोलबैक का विकल्प उपलब्ध है।
