पूर्व AOA अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पर FIR दर्ज करने का अदालत का आदेश
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की एस. जी. ग्रैंड सोसाइटी में मेंटेनेंस फंड और IFMS खाते से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार सोसाइटी के पूर्व AOA अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के विरुद्ध FIR पंजीकृत कर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है मामला ?
सोसाइटी के वर्तमान सचिव अनुज मिश्रा (अभियोगी) द्वारा दायर आवेदन में आरोप लगाया गया था कि सोसाइटी के पदाधिकारियों ने मेंटेनेंस मद में लगभग 16,72,616 रुपए का उचित व्यय विवरण प्रस्तुत नहीं किया। IFMS (Interest Free Maintenance Security) राशि को कथित रूप से अनुचित तरीके से खर्च/स्थानांतरित किया। निवासियों के पैसों का व्यक्तिगत लाभ हेतु उपयोग किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए। मिश्रा द्वारा उच्च अधिकारियों व थाना स्तर पर शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
अभियोगी का कहना था कि सोसाइटी के पदाधिकारी पूर्व अनुमोदन के बिना, तथा बिना पारदर्शिता, धनराशि का उपयोग कर रहे थे।
न्यायालय का अवलोकन
न्यायाधीश ने प्रस्तुत अभिलेखों, रिपोर्ट और तथ्यों का विश्लेषण करते हुए पाया कि-
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आवेदन में लगाए गए कथन गंभीर प्रकृति के हैं,
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धनराशि के उपयोग और लेखा-जोखा प्रस्तुत न करने की बात प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत होती है,
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प्रकरण की सत्यता जांचे जाने योग्य है और यह मामला विवेचना योग्य अपराध की श्रेणी में आता है।
इस आधार पर न्यायालय ने धारा 173(4) बी. एन. एस. एस. के अंतर्गत अभ्यर्थना स्वीकार करते हुए थाना नंदग्राम, गाज़ियाबाद को आदेशित किया कि वह पूर्व AOA पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमों के तहत FIR दर्ज कर विवेचना करें।
क्या हैं मुख्य आरोप ?
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मेंटेनेंस फंड का बिना प्रमाणित खर्च,
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IFMS राशि की अनियमित निकासी व खर्च,
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सोसाइटी निधि का अनुचित व संभावित निजी उपयोग,
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सोसाइटी सदस्यों और शिकायतकर्ता को तथ्यों से अनभिज्ञ रखना,
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उच्च अधिकारियों को सूचना देने पर भी कोई कार्रवाई न होना।
