‘रामलला के सखा’ त्रिलोकी नाथ पाण्डेय की जन्मजयंती पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
जन्मजयंती जो जनकल्याण में बदली
‘रामलला के सखा’ को अनोखी श्रद्धांजलि
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। रामभक्ति, राष्ट्रधर्म और निस्वार्थ सेवा, इन तीनों का दुर्लभ संगम आज शिप्रासन सिटी, इंदिरापुरम में उस समय देखने को मिला, जब ‘रामलला के सखा’ कहे जाने वाले श्रद्धेय पंडित त्रिलोकी नाथ पाण्डेय की जन्मजयंती के अवसर पर एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन रामसरखा पंडित त्रिलोकी नाथ पाण्डेय स्मृति सेवा न्यास के तत्वावधान में आयोजित किया गया। जिसमें सैकड़ों नागरिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
कार्यक्रम का कुशल संयोजन रवि शर्मा एवं अमित पाण्डेय द्वारा किया गया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही जनसैलाब उमड़ पड़ा, जो इस बात का प्रमाण था कि श्रद्धेय पाण्डेय आज भी जनमानस के हृदय में जीवित हैं।

इतिहास के साक्षी, न्याय के प्रहरी
इस अवसर पर वक्ताओं ने श्रद्धेय त्रिलोकी नाथ पाण्डेय के उस ऐतिहासिक योगदान को स्मरण किया, जिसने भारत के न्यायिक इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद में उन्होंने “रामलला विराजमान” के सखा के रूप में सत्य और धर्म के पक्ष में कानूनी संघर्ष किया। यह कोई साधारण भूमिका नहीं थी, बल्कि आस्था, साहस और संवैधानिक मर्यादाओं के बीच संतुलन साधने वाला एक असाधारण दायित्व था। यही कारण है कि इस ऐतिहासिक मुकदमे का न्यायालयीन निर्णय उनके नाम से अभिलेखित हुआ, जो स्वयं में उनके योगदान की गवाही है।
प्रचार से दूर रहकर राष्ट्र सेवा
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार ने कहा-
“इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो मंचों और प्रचार से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण की नींव मजबूत करते हैं। रामसरखा जी ऐसे ही कर्मयोगी थे, जिनका योगदान आने वाली पीढ़ियाँ भी स्मरण करेंगी”
इस अवसर पर विहिप प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी तथा मॉडल विद्यालय, मयूर विहार के प्रधानाचार्य एल.एन. दुबे ने भी श्रद्धेय पाण्डेय जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वेद विद्यालय के शिक्षार्थियों द्वारा किए गए मंत्रोच्चारण से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।

स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से सच्ची श्रद्धांजलि
श्रद्धेय पाण्डेय के विचारों को आत्मसात करते हुए शिविर में निःशुल्क रक्त जाँच, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में नागरिकों ने इस सेवा का लाभ लिया। आरडब्ल्यूए इंदिरापुरम के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को सामाजिक समर्थन प्रदान किया।

श्रद्धा, सेवा और संकल्प का संगम
पूरे आयोजन के दौरान एक बात स्पष्ट दिखाई दी कि यह कार्यक्रम केवल स्मरण नहीं था, बल्कि श्रद्धेय त्रिलोकी नाथ पाण्डेय के विचारों को जीवित रखने का संकल्प था। स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाते हुए यह आयोजन एक संदेश छोड़ गया कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा बनकर पहुँचे।
इस आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े अनेक लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से चंदर भान शर्मा, सचिन शर्मा, सुनील शर्मा, सतेंद्र भारद्वाज, डी.सी. शर्मा, तरुण शर्मा, धर्मेंद्र सिंह, सतेंद्र भाटी, पीयूष मिश्रा, गिरीश शर्मा, आशीष शर्मा, हरितोष शर्मा, विजय पाल मलिक, अभिषेक भदौरिया, सुषमा गंगवार, स्वाति चौहान, मनु तिवारी, अतुल त्यागी, सुधीर श्रीवास्तव, सी.पी. बालियान, चंदर चौहान, नरेंद्र सिंह नेगी, अमित चौहान, शंधांशू शर्मा, सतेंद्र शर्मा, आशित मुखर्जी, विमल शर्मा, प्रवेश अत्री, राजीव भारद्वाज एवं विनीत त्यागी शामिल रहे।
