स्वतंत्रता सेनानी ‘प्रीतम सिंह भाटी स्मृति स्थल’ बचाने की लड़ाई तेज, पाँचवें दिन भी जारी रहा आंदोलन!
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण व बिल्डर पर स्मृति स्थल तोड़ने की मंशा का आरोप
12 जनवरी को विशाल महापंचायत का आह्वान
NEWS1UP
संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्राम खेड़ा चौगानपुर में स्वतंत्रता सेनानी प्रीतम सिंह भाटी की स्मृति स्थल को बचाने के लिए चल रहा जनआंदोलन पाँचवें दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन (मंच) के नेतृत्व में यह संघर्ष अब केवल एक स्मारक की रक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि स्वाभिमान, इतिहास और क्षेत्रीय अस्मिता की लड़ाई बन चुका है।
आगामी 12 जनवरी को प्रस्तावित विशाल महापंचायत को सफल बनाने के उद्देश्य से खेड़ा चौगानपुर और दादरी क्षेत्र में व्यापक ‘जनजागरण पंचायत’ का आयोजन किया गया। पंचायत की अध्यक्षता हातम प्रधान ने की, जबकि संचालन अंशुल भाटी ने किया।

स्मृति स्थल तोड़ने की साजिश रच रहा प्राधिकरण
भारतीय किसान यूनियन (मंच) के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और बिल्डर मिलकर बाबा प्रीतम सिंह भाटी की ऐतिहासिक स्मृति स्थल को ध्वस्त करने की मंशा बना चुके हैं।
उन्होंने कहा-
“यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस देश को आज़ादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को आज भी सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पूरा जिला इस ऐतिहासिक अन्याय का गवाह बन रहा है।”
झूठे मुकदमों से डराने की कोशिश
स्वर्गीय प्रीतम सिंह भाटी के पौत्र प्रदीप भाटी ने प्रशासन और बिल्डर गठजोड़ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके परिवार को डराने और आंदोलन को दबाने के लिए झूठे व निराधार मुकदमे दर्ज कराने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाबा की स्मृति स्थल वर्ष 1983 में विधिवत रूप से निर्मित की गई थी और परिवार का किसी भी बिल्डर से कोई लेना-देना नहीं है।
“जो तहरीरें दी गई हैं, वे पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। यह हमारे दादा की स्मृति को मिटाने की साजिश है।”
अब यह पूरे क्षेत्र के सम्मान की लड़ाई
भारतीय किसान यूनियन (मंच) के जिलाध्यक्ष अक्षय मुखिया ने कहा कि स्मृति स्थल का मुद्दा अब व्यक्तिगत नहीं रहा।
“यह लड़ाई पूरे क्षेत्र के मान-सम्मान से जुड़ चुकी है। अब हर गांव, हर किसान को एकजुट होकर खड़ा होना पड़ेगा।”
प्राधिकरण की तानाशाही के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चिंकू यादव ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि प्राधिकरण किसानों की समस्याओं को अनदेखा कर तानाशाही रवैया अपना रहा है।
“अगर जरूरत पड़ी, तो किसान सीधे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।”
अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को भी नहीं मिला सम्मान
भारतीय किसान यूनियन (मंच) के प्रदेश प्रभारी विक्रांत भाटी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है।
“आज तक राव उमराव जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को भी उचित सम्मान नहीं मिला। यह प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।”
भारी संख्या में किसान व क्षेत्रवासी रहे मौजूद
जनजागरण पंचायत में प्रदीप भाटी, एडवोकेट सजीव भाटी, संजय, यश भाटी, दानिश, अब्दुल कादिर, सागर यादव, गुलफाम, विनोद पाली, मनोज फौजी सहित बड़ी संख्या में किसान, युवा और ग्रामीण मौजूद रहे।
12 जनवरी की महापंचायत पर टिकी निगाहें
आंदोलनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि स्मृति स्थल को क्षति पहुँचाने की कोशिश की गई, तो इसका जवाब जिला स्तर से लेकर प्राधिकरण स्तर तक व्यापक जनआंदोलन के रूप में दिया जाएगा। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें 12 जनवरी को होने वाली विशाल महापंचायत पर टिकी हैं, जो इस संघर्ष की अगली दिशा तय करेगी।
