22वीं मंज़िल तक पानी की जंग: टैंकरों से पानी ढोते दिखे लैंडक्राफ्ट निवासी!

0
0
0

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। गोल्फ लिंक्स टाउनशिप की हाईराइज लैंडक्राफ्ट सोसाइटी में पानी की क़िल्लत ने भयावह रूप ले लिया है। देर शाम तक भी हालात नहीं सुधर सके, बल्कि संकट और गहराता चला गया। फेस-1 में रहने वाले सैकड़ों परिवार आज पूरे दिन एक-एक बूंद पानी के लिए तरसते रहे। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि 20 से 22 मंज़िलों पर रहने वाले लोगों को नीचे उतरकर टैंकर के पानी को बाल्टियों में भरकर ऊपर तक ढोना पड़ रहा है।

सुबह से शाम तक सूखी टंकियां, लोग बेहाल

बताया जा रहा है कि आज सुबह से ही सोसाइटी में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है। बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह स्थिति किसी आपदा से कम नहीं रही। न नहाने का पानी, न शौचालय की व्यवस्था और न ही पीने योग्य पानी पूरा दिन निवासियों ने भारी परेशानी में गुजारा।

दो टैंकर भी नाकाफी

सोसाइटी के निवर्तमान अध्यक्ष गौरव गुप्ता ने स्थानीय पार्षद से गुहार लगाकर नगर निगम से दो पानी के टैंकरों की व्यवस्था तो करवाई, लेकिन इतनी बड़ी सोसाइटी के लिए यह व्यवस्था नाकाफी साबित हुई। टैंकर आते ही पानी खत्म हो गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मोटर खराब, स्टैंडबाई की व्यवस्था नदारद

रेजिडेंट्स के अनुसार, सोसाइटी की मुख्य पानी की मोटर खराब हो गई है। हैरानी की बात यह है कि हाईराइज सोसाइटी में नियमों के तहत स्टैंडबाई मोटर हमेशा उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन यहां ऐसा कोई इंतज़ाम नहीं मिला। नई मोटर की व्यवस्था करने में एओए  और मेंटीनेंस कंपनी पूरी तरह नाकाम साबित हुई हैं।

नई मेंटीनेंस कंपनी पर गंभीर आरोप

निवासियों का आरोप है कि जैसे ही एओए ने पुरानी मेंटीनेंस कंपनी को हटाकर गोदरेज फैसिलिटी सर्विसेज को जिम्मेदारी सौंपी, तभी से समस्याओं की शुरुआत हुई है। पानी, लिफ्ट, साफ-सफाई, हर मोर्चे पर हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। रेजिडेंट्स का कहना है कि मेंटीनेंस के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है, लेकिन बुनियादी सुविधाएं देने में एजेंसी पूरी तरह फेल है।

एओए के शीर्ष पदाघिकारियों से संपर्क करने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन किसी का भी फोन नहीं लगा।

त्राहिमाम-त्राहिमाम” कर रहे निवासी

पूरे दिन सोसाइटी में हाहाकार मचा रहा। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, बीमार लोग और ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, सभी बेहाल रहे। कई परिवारों को पीने का पानी बाहर से खरीदना पड़ा, तो कई लोगों ने रिश्तेदारों के यहां शरण ली।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

रेजिडेंट्स ने जिला प्रशासन और नगर निगम से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!