दादरी क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर भूमाफियाओं का कब्जा ! भाकियू मंच ने SDM को सौंपा ज्ञापन

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एसडीएम से बोले किसान, खाली कराओ सरकारी जमीन

NEWS1UP

संवाददाता

दादरी। ग्रेटर नोएडा और दादरी क्षेत्र के कई गांवों में सरकारी जमीनों पर कथित अवैध कब्जों और तेजी से विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन मंच ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने मंगलवार को दादरी तहसील पहुंचकर एसडीएम श्रीमती अनुज नेहरा को ज्ञापन सौंपा तथा सरकारी भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की।

तहसील परिसर में इकट्ठा किसान

भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों का सिलसिला नहीं रुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जिले में सरकारी भूमि संरक्षण के आदेशों का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के समाप्त होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक संपत्तियों की स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है। जिन गांवों की भूमि का अधिग्रहण नहीं हुआ है, वहां भी कुछ किसानों की सहमति के आधार पर भूमि लेने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण विकास कार्य नहीं करा रहा है। इस स्थिति का फायदा उठाकर भूमाफिया सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं।

सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर बन रही अवैध कॉलोनियां

ज्ञापन में कहा गया है कि एलएमसी, सड़क, भवन, रेलवे तथा अन्य सरकारी विभागों की भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि इन जमीनों का उपयोग खेल मैदान, बारात घर, चिकित्सालय, पुस्तकालय, ओपन जिम, तालाब, हरित क्षेत्र तथा भूमिहीन गरीब परिवारों के लिए पट्टों के रूप में होना चाहिए था, लेकिन इन पर अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं।

दर्जनभर गांवों में गंभीर स्थिति

किसान यूनियन मंच ने श्यौराजपुर, खोदना कला, तिलपता, खेड़ी, भनौता, सुनपुरा, डेरीन स्कैनर, डेरी मच्छा, वैदपुरा, जानसिवाना, कैलाशपुर और रूपवास समेत करीब 10 से 15 गांवों में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण का मुद्दा उठाया है।

संगठन ने विशेष रूप से खोदना कला, तिलपता, खेड़ी, भनौता और सुनपुरा गांवों की सरकारी भूमि की उच्चस्तरीय जांच कराने और अवैध कब्जों को हटाने की मांग की है। किसान नेताओं का आरोप है कि राजस्व विभाग के स्थानीय स्तर पर की जा रही जांच निष्पक्ष नहीं है, इसलिए किसी वरिष्ठ तहसीली अधिकारी से जांच कराई जानी चाहिए।

आंदोलन की चेतावनी

भारतीय किसान यूनियन मंच ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन और ग्रामीणों को धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान राजवीर प्रधान, सुनील भाटी, अक्षय मुखिया, कृष्ण भड़ाना, विक्रांत भाटी, प्रिंस भाटी, हाजी निजाम, अमित प्रधान, अजब सिंह भाटी, विकास रूपवास, अब्दुल कादिर, दानिश खान, सागर नंबरदार, अनुज भनौता, सतीश प्रधान खेड़ी, डॉ. मोहसिन, वंश यादव, अन्नू सरपंच, मोहम्मद रोबिन जाटव, विशाल ठाकुर, नितिश कसाना, मनीष नागर, मनोज प्रधान सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।

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