गाजियाबाद में नए डिप्टी रजिस्ट्रार का सख्त संदेश: दबाव नहीं, सिर्फ कानून चलेगा

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AOA-RWA विवादों पर रहेगा विशेष फोकस, लंबित फाइलों के निस्तारण को बताया पहली प्राथमिकता

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

गाजियाबाद। फर्म्स, सोसायटीज एवं चिट्स विभाग में हुए प्रशासनिक बदलाव के बाद गाजियाबाद को नया डिप्टी रजिस्ट्रार मिल गया है। निखलेश राजन ने गुरुवार को औपचारिक रूप से अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। निवर्तमान डिप्टी रजिस्ट्रार वैभव कुमार ने उन्हें पदभार सौंपते हुए शुभकामनाएं दीं। तीन दिन पूर्व ही वैभव कुमार का स्थानांतरण अलीगढ़ कर दिया गया था, जिसके बाद अलीगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग में वित्त एवं लेखाधिकारी के पद पर कार्यरत निखलेश राजन को गाजियाबाद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह गाजियाबाद के साथ-साथ नोएडा क्षेत्र का कार्यभार भी संभालेंगे। 

राजस्व प्रशासन से लेकर शिक्षा और पंचायत व्यवस्था तक का व्यापक अनुभव रखने वाले निखलेश राजन कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदार पदों पर कार्य कर चुके हैं। यही अनुभव अब गाजियाबाद और नोएडा की सोसायटियों से जुड़े जटिल मामलों के निस्तारण में उनकी बड़ी ताकत माना जा रहा है।

नए डिप्टी रजिस्ट्रार निखलेश राजन का स्वागत कर कार्यभार सौंपते पूर्व डीआर वैभव कुमार

कार्यभार संभालते ही दिया स्पष्ट संदेश

कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद NEWS1UP से हुई विशेष बातचीत में नवनियुक्त डिप्टी रजिस्ट्रार निखलेश राजन ने साफ शब्दों में कहा कि उनके कार्यालय में किसी भी प्रकार का दबाव, प्रभाव या सिफारिश काम नहीं करेगी। विभागीय कार्यवाही केवल और केवल कानून तथा निर्धारित नियमों के अनुरूप होगी।

उन्होंने दो टूक कहा कि कुछ लोग यह मानकर चलते हैं कि दबाव बनाकर या प्रभाव का इस्तेमाल कर अपनी मनमर्जी के निर्णय करा सकते हैं, लेकिन अब ऐसी मानसिकता को बदलना होगा। विभाग में प्रत्येक निर्णय विधिक प्रावधानों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर लिया जाएगा।

AOA और RWA से जुड़े मामलों पर विशेष निगाह

गाजियाबाद और नोएडा में तेजी से बढ़ रही आवासीय सोसायटियों के बीच अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) से जुड़े विवाद लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। ऐसे में निखलेश राजन ने संकेत दिए हैं कि उनके कार्यकाल में इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विभाग में लंबित पड़ी फाइलों का समयबद्ध निस्तारण उनकी पहली प्राथमिकता होगी। विशेष रूप से सोसायटी प्रबंधन, चुनाव, सदस्यता, वित्तीय पारदर्शिता और वैधानिक प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों पर गंभीरता से कार्य किया जाएगा।

मॉडल बायलॉज और अपार्टमेंट एक्ट का पालन अनिवार्य

नए डिप्टी रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि सभी पंजीकृत संस्थाओं को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, मॉडल बायलॉज तथा उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट एक्ट के तहत निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि AOA और RWA संगठन नियम-कानूनों के अनुरूप कार्य करने की संस्कृति विकसित करें।

उनके अनुसार, यदि किसी संस्था द्वारा कानूनी प्रावधानों की अनदेखी, चुनावी अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी अथवा प्रशासनिक मनमानी पाई जाती है तो विभाग कठोर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

संस्थाओं और नागरिकों से सहयोग की अपील

निखलेश राजन ने सभी सोसायटी प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और नागरिकों से अपील की कि वे कानून के अनुपालन में विभाग का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था तभी स्थापित हो सकती है जब संस्थाएं स्वयं भी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें।

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