एओए को हैंडओवर न करने वाले बिल्डरों पर जीडीए का बड़ा प्रहार, दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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एओए की लगातार शिकायतों और जीडीए के कई नोटिसों के बावजूद नहीं सौंपे कॉमन एरिया व मेंटेनेंस अधिकार

NEWS1UP

एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एओए को सोसायटी का वैधानिक हस्तांतरण (हैंडओवर) न करने वाले बिल्डरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित महागुन मस्कट और पंचशील वेलिंगटन सोसायटी के बिल्डरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है। इस कार्रवाई को शहर की आवासीय सोसायटियों में बिल्डर जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, दोनों सोसायटियों की एओए (Apartment Owners Association) लंबे समय से बिल्डरों से कॉमन एरिया तथा मेंटेनेंस व्यवस्था का विधिवत हस्तांतरण मांग रही थीं। निवासियों और एओए की शिकायतों के आधार पर जीडीए ने कई बार संबंधित बिल्डरों को नोटिस जारी किए तथा निर्धारित नियमों के अनुसार हैंडओवर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए। इसके बावजूद बिल्डरों द्वारा आदेशों का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया।

जीडीए अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य पूर्ण होने और बड़ी संख्या में परिवारों के निवास करने के बावजूद सोसायटी के कॉमन एरिया, आवश्यक अभिलेखों तथा रखरखाव व्यवस्था का हस्तांतरण एओए को नहीं किया गया था। यही नहीं, कई बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि-

जीडीए द्वारा प्राप्त शिकायतों और उपलब्ध कराए गए तथ्यों के आधार पर दोनों सोसायटियों के बिल्डरों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अन्य सोसायटियों के लिए भी बनेगा रास्ता

जीडीए की यह कार्रवाई केवल महागुन मस्कट और पंचशील वेलिंगटन तक सीमित नहीं मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि इससे गाजियाबाद की उन सभी सोसायटियों को बल मिलेगा जहां बिल्डरों ने वर्षों से एओए को पूर्ण हैंडओवर नहीं दिया है या कॉमन एरिया, सुविधाओं और मेंटेनेंस व्यवस्था पर अनावश्यक नियंत्रण बनाए रखा है।

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