नेफोमा ने उठाई एफआईआर की मांग: अरिहंत अंबर हादसे के लिए बिल्डर ही नहीं, प्राधिकरण भी कटघरे में

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कई बार स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने नहीं लिया संज्ञान, अब एक निवासी की जान चली गई: अन्नू खान

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भूमेश शर्मा

नोएडा/गाजियाबाद। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में भवन सुरक्षा को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवाल अब एक दर्दनाक मौत के रूप में सामने आए हैं। शनिवार देर शाम अरिहंत अंबर सोसाइटी में हुए हादसे ने एक बार फिर बिल्डरों, मेंटेनेंस एजेंसियों और प्राधिकरण की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

अरिहंत अंबर सोसाइटी के टावर डी-1507 में रहने वाले 46 वर्षीय विकास चावला अपनी बाइक से सोसाइटी परिसर से बाहर जा रहे थे। इसी दौरान इमारत से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर उनके ऊपर आ गिरा। प्लास्टर गिरने से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिर पड़े। गिरने के दौरान उनका सिर पास की दीवार के किनारे से टकरा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। तत्काल उन्हें यथार्थ अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि इमारतों के बाहरी हिस्सों से प्लास्टर झड़ने और निर्माण गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने उठाए गंभीर सवाल

हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए नेफोमा (NEFOMA) अध्यक्ष अन्नू खान ने इसे केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर प्रशासनिक और संस्थागत लापरवाही का परिणाम बताया।

अन्नू खान ने कहा-

नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान

“अरिहंत अंबर सोसाइटी में हुई घटना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। विकास चावला अपनी बाइक से बाहर जा रहे थे, तभी बिल्डिंग से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा टूटकर उनके ऊपर गिर गया और उनकी मृत्यु हो गई। यह केवल हादसा नहीं बल्कि जिम्मेदार लोगों की लापरवाही का परिणाम है। इस मामले में संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।”

अन्नू खान ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नेफोमा सहित विभिन्न निवासी संगठनों द्वारा कई बार हाईराइज सोसाइटियों के स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग की गई थी। इसके लिए प्राधिकरण को पत्र भी भेजे गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा, आज अधिकांश सोसाइटियों की हालत कमोबेश एक जैसी है। जगह-जगह प्लास्टर टूट रहा है, निर्माण गुणवत्ता पर सवाल हैं और निवासी लगातार खतरे के साये में जी रहे हैं। यदि समय रहते स्ट्रक्चरल ऑडिट और आवश्यक मरम्मत कराई जाती, तो शायद यह जान बच सकती थी।

हस्ताक्षर अभियान शुरू, डीएम को भेजा जाएगा ज्ञापन

हादसे के बाद अरिहंत अंबर सोसाइटी की अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) भी सक्रिय हो गई है। एओए ने बिल्डर से लंबित संरचनात्मक मरम्मत कार्य तत्काल पूरा कराने की मांग उठाई है। साथ ही जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को ज्ञापन भेजने की तैयारी की जा रही है।

इस मांग के समर्थन में सोसाइटी के प्रत्येक टावर के रिसेप्शन पर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है, ताकि अधिक से अधिक निवासियों का समर्थन जुटाकर प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बनाया जा सके।

गौरतलब है कि यह समस्या केवल ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक सीमित नहीं है। गाजियाबाद की अनेक हाईराइज सोसाइटियों में भी पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्लास्टर के टुकड़े गिरने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। राजनगर एक्सटेंशन,  क्रॉसिंग रिपब्लिक और इंदिरापुरम क्षेत्र की विभिन्न सोसाइटियों के निवासी समय-समय पर निर्माण गुणवत्ता, जर्जर हो रहे बाहरी ढांचे और रखरखाव में लापरवाही को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। कई स्थानों पर बालकनी, कॉर्निस और बाहरी दीवारों से प्लास्टर टूटकर गिरने की घटनाओं ने निवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं।

अरिहंत अंबर की यह दुखद घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी है कि यदि ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की हाईराइज सोसाइटियों का स्वतंत्र एवं व्यापक स्ट्रक्चरल ऑडिट समय रहते नहीं कराया गया, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और भी बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं।

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