राहत की खबर से खुश गाजियाबाद, पर ज्यादा हाउस टैक्स जमा करने वालों का क्या होगा ?

0
0
0

हाउस टैक्स पुरानी दरों पर लेने की चर्चा से शहर में राहत, लेकिन अतिरिक्त जमा राशि की वापसी या समायोजन पर निगम की ओर से अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं!

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

गाजियाबाद। लगभग एक-डेढ़ वर्ष से हाउस टैक्स को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच मंगलवार देर शाम शहर के गृहकरदाताओं के लिए राहत की खबर सामने आई। खबर यह फैली कि नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स पुरानी दरों पर ही वसूला जाएगा। महापौर सुनीता दयाल के हवाले से आई इस जानकारी ने पूरे शहर में तेजी से चर्चा का विषय बना लिया और कई लोगों ने इसे आम जनता के लिए बड़ी राहत बताया।

हालांकि इस राहत भरी खबर के साथ ही कुछ सवाल भी सामने आए हैं। शहर के नागरिकों और सामाजिक संगठनों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वास्तव में हाउस टैक्स बढ़ोतरी का फैसला पूरी तरह वापस ले लिया गया है या अभी भी स्थिति को औपचारिक रूप से स्पष्ट किया जाना बाकी है।

दरअसल, इसी दिन यानी 10 मार्च को निगम प्रशासन की ओर से जारी एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें हाउस टैक्स को लेकर लोगों में फैली आशंकाओं और भ्रांतियों को दूर करने के लिए प्रत्येक जोन में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक “समाधान दिवस” आयोजित करने की घोषणा की गई है। इस व्यवस्था के तहत महापौर के निर्देशन में प्रत्येक जोन से तीन-तीन पार्षदों की जिम्मेदारी भी तय की गई है, ताकि नागरिकों की शिकायतों और सवालों का समाधान किया जा सके। नगर निगम प्रशासन के भीतर इस तरह की अलग-अलग सूचनाओं ने नागरिकों के मन में कुछ जिज्ञासाएँ जरूर पैदा कर दी हैं।

इसके साथ ही एक और महत्वपूर्ण प्रश्न सामने आ रहा है। शहर के कई नागरिकों ने बढ़ी हुई दरों के अनुसार अपना हाउस टैक्स पहले ही जमा कर दिया है। ऐसे में अब यह स्पष्ट नहीं है कि उनसे अतिरिक्त वसूली गई राशि उन्हें वापस की जाएगी या आगामी हाउस टैक्स बिलों में समायोजित (एडजस्ट) की जाएगी। इस संबंध में नगर निगम की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, उनके पैसे का क्या होगा, यह सवाल अब भी जवाब मांग रहा है।

फिलहाल, शहर के लोगों का कहना है कि उन्हें केवल घोषणा नहीं बल्कि स्पष्ट और लिखित निर्णय चाहिए, जिससे यह पूरी तरह तय हो सके कि वास्तव में हाउस टैक्स पुरानी दरों पर ही लिया जाएगा।

हाउस टैक्स में प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी के खिलाफ लोगों को जागरूक करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता दीपांशु मित्तल ने कहा-

दीपांशु मित्तल, सामाजिक कार्यकर्त्ता

“हाउस टैक्स बढ़ोतरी के निर्णय को वापस लेने की खबर गाजियाबाद के लाखों परिवारों के लिए राहत है। पिछले डेढ़ वर्षों में जिन जागरूक नागरिकों ने इस मुद्दे को लगातार उठाया, उनके प्रयासों को जनता हमेशा याद रखेगी।”

वहीं बेतहाशा बढ़ोत्तरी के विरोध में लगातार आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र नाथ का कहना है कि-

भूपेंद्र नाथ, सामाजिक कार्यकर्त्ता

“इस निर्णय का स्वागत करते हुए हमें अपनी मेयर के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए, ताकि निगम प्रशासन भविष्य में मनमानी न कर सके।”

कुल मिलाकर, गाजियाबाद के गृह करदाताओं के लिए यह खबर राहत भरी जरूर है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि नगर निगम की ओर से जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी कर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की जाए, ताकि हाउस टैक्स को लेकर पिछले लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति समाप्त हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!