साइबर युग के अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता जरूरी: डॉ. जी.के. गोस्वामी

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यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में प्रशिक्षु अधिकारियों ने जाना साइबर और फॉरेंसिक जांच का महत्व

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को और प्रभावी बनाने के लिए योगी सरकार वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच पद्धतियों को लगातार बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में मंगलवार को उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस), लखनऊ में 48 प्रशिक्षु अधिकारियों ने शैक्षणिक परिभ्रमण कर आधुनिक फॉरेंसिक और साइबर जांच तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

ये अधिकारी डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) के अंतर्गत स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, राज्य कर तथा कोषागार विभागों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। संस्थान के विशेषज्ञों ने उन्हें साइबर सुरक्षा, डिजिटल अपराधों की जांच तथा फॉरेंसिक विज्ञान की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराया।

प्रशिक्षु अधिकारियों ने संस्थान की अत्याधुनिक डीएनए लैब और ड्रोन तकनीक से जुड़े कार्यों का अवलोकन किया तथा यह समझा कि आधुनिक जांच प्रक्रियाओं में इन तकनीकों की क्या भूमिका है।

प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते डॉ जी. के. गोस्वामी

इस अवसर पर यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में अपराधों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पहले जहां अधिकांश अपराध भौतिक रूप से होते थे, वहीं अब डिजिटल दुनिया में साइबर अपराधों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों और जांच एजेंसियों के लिए तकनीकी ज्ञान और साइबर सुरक्षा की समझ अत्यंत आवश्यक हो गई है।

उन्होंने कहा कि-

किसी भी आपराधिक मामले में साक्ष्य ही अपराधी को सजा तक पहुंचाने का सबसे मजबूत माध्यम होता है, इसलिए फॉरेंसिक विज्ञान न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है।

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाने और जिज्ञासु बने रहने का आह्वान किया। डॉ. गोस्वामी ने बताया कि संस्थान साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विभिन्न सरकारी एवं शैक्षणिक संस्थानों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने का कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम के अंत में उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव ने उपस्थित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी ने किया।

इस अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमराज मीना, उप निदेशक चिरंजीब मुखर्जी, अतुल यादव, फेकल्टी सदस्य डॉ. मनीष राय, डॉ. पलक, उप निरीक्षक आर. शैलेन्द्र सिंह, कार्तिकेय सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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