‘इच्छा मृत्यु’ के ऐतिहासिक फैसले के बाद परिवार की मदद को आगे आई यूपी सरकार
राजनगर एक्सटेंशन में अशोक राणा के घर पहुंचे अधिकारी
आर्थिक सहायता और आजीविका की व्यवस्था का भरोसा
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एम्पायर सोसाइटी में रहने वाले अशोक राणा के परिवार की त्रासदी सामने आने और उनके बेटे को ‘इच्छा मृत्यु’ की अनुमति मिलने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बुधवार को जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मंदर, जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक स्वयं परिवार के घर पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं।
दरअसल, अशोक राणा का बेटा हरीश राणा पिछले लगभग 13 वर्षों से कोमा की स्थिति में है। लंबे समय से चल रहे इलाज और देखभाल के कारण परिवार आर्थिक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। आज ही सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा के मामले में इच्छा मृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दी है, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।

इसी क्रम में राज्य सरकार ने परिवार की मदद के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम राज एम्पायर सोसाइटी पहुंची और परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने मौके पर ही जनसहयोग से तत्काल 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता परिवार को उपलब्ध कराई। इसके साथ ही परिवार को मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष से भी आर्थिक मदद दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि परिवार की स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए उन्हें एक दुकान आवंटित करने की योजना पर काम किया जाएगा, ताकि वे अपना छोटा कारोबार शुरू कर सकें। इसके अलावा परिवार को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा, जिससे उनके जीवनयापन में स्थिरता और आर्थिक सहारा मिल सके।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि प्रशासन इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
