ईरान संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला शहरों में 25 दिन और गांवों में 45 दिन बाद ही होगी LPG बुकिंग
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। देश में एलपीजी सिलेंडर को लेकर बढ़ती मांग और जमाखोरी की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने रसोई गैस की बुकिंग और डिलीवरी के नियमों में अहम बदलाव किए हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को संसद में जानकारी देते हुए बताया कि अब शहरी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की अगली बुकिंग कम से कम 25 दिन बाद और ग्रामीण तथा दुर्गम इलाकों में 45 दिन बाद ही की जा सकेगी।
AI IMAGE
मंत्री ने कहा कि कुछ स्थानों पर उपभोक्ताओं में घबराहट के कारण जरूरत से ज्यादा बुकिंग और सिलेंडर जमा करने की प्रवृत्ति देखी जा रही है। हालांकि यह स्थिति गैस की वास्तविक कमी से नहीं, बल्कि आशंकाओं के कारण पैदा हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक का औसत समय अभी भी करीब 2.5 दिन है।
सरकार ने डिलीवरी प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी बनाने का फैसला किया है। अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के जरिए होगी। उपभोक्ता के मोबाइल पर आए वन-टाइम कोड (OTP) की पुष्टि के बिना डिलीवरी दर्ज नहीं की जाएगी। फिलहाल यह प्रणाली करीब 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं पर लागू है, जिसे जल्द बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक किया जाएगा, ताकि गैस की गलत सप्लाई और हेरफेर पर रोक लग सके।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। तेल कंपनियां अब कमर्शियल एलपीजी की औसत मासिक मांग का केवल 20 प्रतिशत ही आवंटित करेंगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य होटल-रेस्टोरेंट उद्योग को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि जमाखोरी और काला बाजारी पर नियंत्रण करना है।
सरकार ने यह भी बताया कि संभावित संकट को देखते हुए पिछले 5 दिनों में देश में एलपीजी उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ाया गया है और अतिरिक्त गैस की खरीद भी की जा रही है। देश के 33 करोड़ से अधिक परिवारों की रसोई में गैस की कमी न हो, इसके लिए अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति जारी रखी जा रही है।
निगरानी के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जो राज्यों के नागरिक आपूर्ति विभागों और उद्योग संगठनों के साथ समन्वय कर रही है।
कीमतों पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि फिलहाल बिना सब्सिडी वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से इसकी कीमत लगभग 987 रुपये होनी चाहिए थी। सरकार ने कीमत का एक हिस्सा खुद वहन किया है ताकि आम उपभोक्ताओं पर बोझ कम रहे।
सरकार का दावा है कि पड़ोसी देशों की तुलना में भारत में एलपीजी अभी भी सस्ती है। पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल में गैस सिलेंडर की कीमतें भारत से अधिक हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि तेल विपणन कंपनियों को हुए करीब 40 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 30 हजार करोड़ रुपये की सहायता को मंजूरी दी है।