दादरी में बिजली कटौती पर सपा का फूटा गुस्सा, बिजली घर पर जोरदार प्रदर्शन
दिन-रात की कटौती से उबल रहा दादरी, सपा ने भाजपा सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
NEWS1UP
संवाददाता
दादरी। दादरी कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भीषण बिजली कटौती को लेकर लोगों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में दिन-रात घंटों बिजली गुल रहने से त्रस्त जनता की आवाज बनकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को धूम मानिकपुर स्थित बिजली विभाग कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सपाइयों ने प्रदेश की भाजपा सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए तत्काल बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई।

प्रदर्शन का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी ने किया। आंदोलन में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। वहीं समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव सुनीता यादव भी मौजूद रहीं और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढाती नजर आईं।
धरने के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच दादरी क्षेत्र के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। कई मोहल्लों और गांवों में घंटों नहीं बल्कि पूरे-पूरे दिन और रात बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। इससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों को पेयजल संकट, बच्चों की पढ़ाई और व्यापारिक गतिविधियों में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। दादरी क्षेत्र की जनता भीषण गर्मी में बिजली संकट झेलने को मजबूर है।
भाटी ने कहा कि-
दादरी कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में लोग दिन-रात बिजली कटौती से परेशान हैं। कई इलाकों में घंटों तक बिजली नहीं आती, जिससे आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सरकार और बिजली विभाग जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। समाजवादी पार्टी जनता के हितों की लड़ाई लड़ती रहेगी।
उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो पार्टी और बड़ा जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
धरना-प्रदर्शन के दौरान सपाइयों का गुस्सा साफ दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं ने बिजली संकट के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए जोरदार नारेबाजी की और जनता को राहत देने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
