200 लीटर डीजल में कैसे चलेगी सोसायटी ? मेंटेनेंस कंपनी के नोटिस से बढ़ी चिंता, प्रशासन से विशेष व्यवस्था की मांग
500 किलोवाट के डीजी सेट की प्रति घंटे 85 लीटर खपत,
जिला पूर्ति अधिकारी बोले, ऑयल कंपनियों के साथ बैठक कर निकाला जाएगा समाधान
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। केंद्र सरकार द्वारा डीजल की खुदरा बिक्री पर लागू नई शर्तों के बीच गाजियाबाद की पंचशील प्रिमरोज सोसायटी में जनरेटर संचालन को लेकर चिंता बढ़ गई है। सोसायटी की मेंटेनेंस कंपनी एलाइड इंफ्राटेक प्रा. लि. द्वारा जारी एक नोटिस में डीजल खरीद पर लागू प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए निवासियों को संभावित परिचालन चुनौतियों से अवगत कराया गया है।

मेंटेनेंस कंपनी के नोटिस ने बढ़ाई हाईराइज सोसायटियों की चिंता
नोटिस के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत पेट्रोल पंपों से हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) की बिक्री को लेकर कुछ नई शर्तें लागू की गई हैं। इसके चलते बड़े उपभोक्ताओं को डीजल की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। नोटिस सामने आने के बाद सोसायटी निवासियों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि लंबे बिजली संकट की स्थिति में आवश्यक सेवाओं का संचालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जाएगा।
लंबी बिजली कटौती हुई तो प्रभावित हो सकती हैं आवश्यक सेवाएं
पंचशील प्रिमरोज अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज सिंह ने बताया कि-

हाईराइज आवासीय सोसायटियां बिजली कटौती के दौरान पूरी तरह डीजी सेट पर निर्भर रहती हैं। उनके अनुसार सोसायटी में स्थापित 500 किलोवाट क्षमता का जनरेटर प्रति घंटे लगभग 85 लीटर डीजल की खपत करता है।
उन्होंने बताया कि 11 जून की रात लगभग 11 बजे से 12 जून की दोपहर तक सोसायटी में बिजली आपूर्ति बाधित रही थी। ऐसे में यदि लंबे समय तक बिजली कटौती की स्थिति बनी रहती है और डीजल उपलब्धता सीमित रहती है, तो लिफ्ट, जलापूर्ति, कॉमन एरिया लाइटिंग तथा अन्य आवश्यक सेवाओं के संचालन में कठिनाई आ सकती है।
हाईराइज सोसायटियों के लिए अलग व्यवस्था की मांग
एओए ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हाईराइज आवासीय सोसायटियों की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें उनकी वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप डीजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए, ताकि आपात परिस्थितियों में आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।
प्रशासन ने माना गंभीर मुद्दा, ऑयल कंपनियों के साथ होगी बैठक
इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने कहा कि-
हाईराइज सोसायटियों से जुड़ा यह पक्ष काफी गंभीर है और प्रशासन इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ बैठक कर इस विषय पर चर्चा की जाएगी और व्यावहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कोई नया निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और प्रतिबंधों का पालन किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखना
गौरतलब है कि सरकार ने ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने तथा आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की है। वहीं, हाईराइज आवासीय सोसायटियां अपनी परिचालन आवश्यकताओं को देखते हुए विशेष व्यवस्था की मांग कर रही हैं।
