निर्माण कार्यों में ढिलाई नहीं होगी बर्दाश्त, गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे हों प्रोजेक्ट : योगी आदित्यनाथ
गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल में पीडब्ल्यूडी परियोजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर और आजमगढ़ मंडल में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि सड़क एवं सेतु निर्माण परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
रविवार को एनेक्सी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने दोनों मंडलों में चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा लिया। उन्होंने विशेष रूप से मानसून से पहले निर्माणाधीन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया।

जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को मिले प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्राथमिकता तय करते हुए सड़क निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि जून माह के अंत तक सभी आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां प्राप्त कर ली जाएं तथा उसके बाद बिना विलंब शिलान्यास और निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाएं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजनाएं शुरू करने से पहले सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि बीच में कार्य बाधित न हो और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
कमिश्नर और डीएम करेंगे नियमित निगरानी
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत दोनों मंडलों के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय से बजट स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तत्काल तैयार की जाए।
साथ ही मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर निर्माण कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
तकनीक से होगी मॉनिटरिंग, श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
योगी आदित्यनाथ ने निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण के साथ-साथ तकनीकी माध्यमों से ऑनलाइन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। सेतु निगम की परियोजनाओं का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी कार्यस्थलों पर सुरक्षा किट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं तथा सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
मोहन सेतु परियोजना की प्रगति पर भी नजर
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने देवरिया में निर्माणाधीन मोहन सेतु की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना स्थल का नियमित निरीक्षण करने तथा निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि जो ठेकेदार अत्यधिक कम दरों पर यानी “बिलो टेंडर” परियोजनाएं प्राप्त कर रहे हैं, उनकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए और ऐसे मामलों की गहन निगरानी की जाए।
बैठक में केंद्रीय मंत्री व बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, दयाशंकर सिंह, विजयलक्ष्मी गौतम, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह, विधायक श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, राजेश त्रिपाठी, विमलेश पासवान, सरवन निषाद, शलभ मणि त्रिपाठी, ऋषि त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जयप्रकाश निषाद, पीएन पाठक, विवेकानंद पांडेय समेत गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के विधानसभा क्षेत्रों के विधायक मौजूद रहे।
