इंदिरापुरम-वैशाली की 7 सोसायटियों पर अग्निशमन विभाग का बड़ा एक्शन, कोर्ट में दायर हुए वाद

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फायर ऑडिट में अकार्यशील मिलीं सुरक्षा प्रणालियां, नोटिस के बावजूद सुधार न होने पर बिल्डर, AOA और RWA पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। गर्मी के बढ़ते तेवरों के बीच गाजियाबाद में फायर सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बहुमंजिला आवासीय भवनों में आग लगने की बढ़ती आशंकाओं और फायर सेफ्टी मानकों की लगातार अनदेखी के बीच अग्निशमन विभाग ने इंदिरापुरम, वैशाली और वसुंधरा क्षेत्र की सात हाईराइज सोसायटियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर कराया है। यह कार्रवाई उन सोसायटियों के विरुद्ध की गई है, जहां फायर ऑडिट के दौरान अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली अकार्यशील पाई गई और नोटिस जारी होने के बाद भी उसे मानकों के अनुरूप चालू नहीं कराया गया।

तापमान बढ़ा तो बढ़ी विभाग की चिंता

भीषण गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग से इमारतों पर बिजली का लोड लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में शॉर्ट सर्किट और अग्निकांड की घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए अग्निशमन विभाग जिलेभर की बहुमंजिला इमारतों में फायर ऑडिट और मॉक ड्रिल अभियान चला रहा है।

निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने पाया कि कई भवनों में फायर पंप, हाइड्रेंट सिस्टम, अलार्म, स्प्रिंकलर और अन्य सुरक्षा उपकरण या तो बंद पड़े हैं या निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य नहीं कर रहे हैं। ऐसे मामलों में संबंधित बिल्डर, आरडब्ल्यूए, एओए और मेंटेनेंस एजेंसियों को तत्काल कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे।

नोटिस, चेतावनी और मौका… फिर भी नहीं जागे जिम्मेदार

मुख्य अग्निशमन अधिकारी  राहुल पाल के अनुसार, उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022 के तहत संबंधित प्रबंधन को विधिवत नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि भवनों में स्थापित समस्त अग्निशमन सुरक्षा प्रणालियों को कार्यशील कर विभाग को अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

इसके बावजूद कई सोसायटियों ने सुरक्षा मानकों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई। विभाग का कहना है कि जब बार-बार चेतावनी और पर्याप्त अवसर दिए जाने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ, तब न्यायालय की शरण लेना आवश्यक हो गया।

इन सात सोसायटियों के खिलाफ दायर हुए वाद

अग्निशमन विभाग ने जिन सात आवासीय परिसरों के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर कराया है, उनमें इंदिरापुरम की राजहंस सोसायटी, जयपुरिया सनराइज ग्रीन सोसायटी, गौर ग्रीन विस्टा, वैशाली की सुपरटेक अवंत गार्डन सोसायटी, सूर्य कनिष्क टावर, हिंडौन हाइट्स अपार्टमेंट और वसुंधरा के सेक्टर 18 स्थित जीकेजी हाइट्स शामिल हैं।

सुरक्षा से समझौता नहीं: CFO राहुल पाल 

 सीएफओ, राहुल कुमार पाल

सीएफओ राहुल पाल ने स्पष्ट कहा कि जिन सोसायटियों और भवनों में स्थापित अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली को कार्यशील नहीं कराया गया है, वहां के बिल्डर, एओए, आरडब्ल्यूए पदाधिकारी और मेंटेनेंस से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों को दंडित कराने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।

उन्होंने चेतावनी दी कि जिन अन्य भवनों द्वारा भी निर्धारित मानकों के अनुरूप फायर सेफ्टी सिस्टम को कार्यशील कर विभाग को अवगत नहीं कराया जाएगा, उनके खिलाफ भी न्यायालय में वाद दायर कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हजारों परिवारों की सुरक्षा का सवाल

गाजियाबाद की हाईराइज सोसायटियों में लाखों लोग निवास करते हैं। ऐसे में फायर सेफ्टी सिस्टम का केवल कागजों में मौजूद होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका हर समय कार्यशील रहना भी उतना ही आवश्यक है। हाल के वर्षों में देशभर में बहुमंजिला इमारतों में हुई आग की घटनाओं ने यह साबित किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

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