मुनेन्द्र प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग लेकर पुलिस आयुक्त से मिला सपा प्रतिनिधिमंडल
NEWS1UP
संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। नोएडा में गड्ढे में भरे पानी में डूबने से हुई युवराज मेहता की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। घटना के दौरान मदद के लिए आगे आए मुनेन्द्र की गिरफ्तारी को लेकर समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में लखनऊ से आए सपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा मुनेन्द्र के साथ न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि युवराज मेहता को बचाने के प्रयास के कारण मुनेन्द्र की समाज में पहचान और लोकप्रियता बढ़ी थी। उनका आरोप है कि इसी वजह से कुछ लोगों ने द्वेषवश उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया और पुलिस ने बिना पर्याप्त तहकीकात के उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करती है।
सपा के जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि दलित समाज से जुड़े मुनेन्द्र के खिलाफ बिना समुचित जांच के की गई कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे समाज में दूसरों की मदद के लिए आगे आने वाले युवाओं का मनोबल कमजोर होगा। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में मुनेन्द्र निर्दोष पाया जाता है तो उसे तत्काल रिहा किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस पर पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराए जाने का आश्वासन दिया है।
सपा प्रतिनिधिमंडल में विधायक शाहिद मंजूर, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता, सुनील चौधरी, राहुल आवाना, फकीरचंद नागर, मनोज चौधरी, रोहित मत्ते गुर्जर, विनोद लोहिया, जगवीर नंबरदार, अक्षय चौधरी, विक्रम टाइगर, लाल सिंह गौतम, मोहित नागर और अमित भाटी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।
