साक्ष्य हैं तो एसआईटी को दें, 15 दिन इंतजार करें, कोई दोषी हुआ तो बचेगा नहीं: योगी आदित्यनाथ
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भूमेश शर्मा
अयोध्या, 19 जून। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े प्रकरण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पूरी निष्पक्षता से काम कर रही है और “दूध का दूध, पानी का पानी” करके रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई दस्तावेजी साक्ष्य हैं तो उन्हें एसआईटी को उपलब्ध कराएं, लेकिन जांच पूरी होने तक अनावश्यक बयानबाजी से बचें।
शुक्रवार को अयोध्या में रामलला के दर्शन-पूजन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
एसआईटी जांच पर जताया भरोसा
रुदौली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या और राम मंदिर को लेकर सामने आए आरोपों के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच गठित की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता से काम कर रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दूध का दूध, पानी का पानी करके रहेगी एसआईटी
मुख्यमंत्री ने कहा, “अयोध्या के बारे में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर एसआईटी जांच कर रही है। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है।” उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसकी पहचान या पद कोई मायने नहीं रखेगा।
File photo
रामभक्तों से संयम की अपील
मुख्यमंत्री ने रामभक्तों से अपील करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने मर्यादा का संदेश दिया है और सभी को उसी मर्यादा का पालन करना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“हमारे पूर्वजों ने 500 वर्षों तक मर्यादित संघर्ष किया है, इसलिए 15 दिन और इंतजार कर लें। यदि कोई अपराधी है तो वह कोई भी हो, बचेगा नहीं।”
साक्ष्य हैं तो एसआईटी को सौंपें
सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों के पास इस मामले से जुड़े दस्तावेजी प्रमाण हैं, वे उन्हें सीधे एसआईटी को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी से बचना चाहिए, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है और रामभक्तों की भावनाएं भी आहत होती हैं।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले और राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी करने वाले लोग आज अयोध्या और रामभक्तों की चिंता का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अयोध्या और राम मंदिर को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं।
एसआईटी रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब पूरे मामले में एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रदेश की राजनीति और रामभक्तों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और सरकार आगे क्या कार्रवाई करती है।