प्रशासन की लापरवाही पर जनता का फूटा गुस्सा! राज नगर एक्सटेंशन में ट्रैफिक जाम से बच्चों की बसें डेढ़ घंटे देरी से!

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बच्चे बस में रो रहे थे

कोई ट्रैफिक पुलिस नजर नहीं आई: अभिभावकों का आरोप

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

ग़ाज़ियाबाद। राज नगर एक्सटेंशन में सोमवार सुबह फिर वही मंज़र दोहराया गया, ट्रैफिक जाम, स्कूल बसें फंसी, बच्चे परेशान, और प्रशासन गायब! सुबह 7:00 बजे आने वाली कई स्कूल बसें लगभग डेढ़ घंटे की देरी से 8:30 बजे अपने स्टॉप पर पहुंचीं। रिवर हाइट गोलचक्कर से लेकर GNB मॉल के सामने तक पूरा मार्ग जाम में तब्दील रहा। वाहनों की लंबी कतारें और हॉर्नों का शोर सुबह का माहौल किसी आपात स्थिति जैसा बना रहा। स्थिति को देखकर तो यही लगता है कि यह कोई सामान्य ट्रैफिक नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि अब हालात काबू से बाहर हो चुके हैं।

राजनगर एक्सटेंशन में ट्रैफिक में फंसी स्कूल बसें

छोटे बच्चे बने अव्यवस्था के शिकार

5 किलोमीटर की दूरी तय करने में स्कूल बसों को लगभग 1 घंटे से ज्यादा समय लगा। बसों में बैठे छोटे बच्चों को न तो हवा मिल पा रही थी, न आराम। कई बच्चे भूख और घबराहट से रोने लगे।

राज एम्पायर सोसायटी निवासी,अभिभावक गौरव शर्मा कहते हैं-

गौरव शर्मा


सभी स्कूलों की टाइमिंग एक होना समस्या की सबसे बड़ी वजह है। उनका कहना है कि-

“हर रोज यही हाल है, बच्चे सुबह से भूखे-प्यासे बस में बैठे रहते हैं। अगर प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस जाग नहीं रही, तो हादसा किसी दिन तय है, 

पेरेन्टस भी मुश्किल में

जो अभिभावक मजबूरन बच्चों को खुद स्कूल छोड़ने निकले, वे ट्रैफिक जाम में फंस गए और अपने ऑफिस के लिए लेट हो गए। कई जगहों पर वाहन चालकों के बीच झगड़े तक की नौबत आ गई।

कुणाल कपूर

 SCC हाइट्स निवासी, अभिभावक कुणाल कपूर कहते हैं-

बच्चों की पढाई की खातिर दिल्ली से राजनगर एक्सटेंशन शिफ्ट हुए, लेकिन यहाँ उससे भी बुरी स्थिति है। अक्सर बच्चों को बस से उतारकर बाइक से स्कूल छोड़ना पड़ता है। कपूर आगे कहते हैं कि-

“हर मोड़ पर वाहन गलत दिशा में आ रहे हैं। कोई ट्रैफिक पुलिस नहीं दिखी। लगता है प्रशासन ने इस इलाके को अपने हाल पर छोड़ दिया है”

सड़क पर अफरातफरी, ट्रैफिक पुलिस नदारद

जाम से बचने के लिए लोग राँग साइड में गाड़ियां दौड़ा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि किसी भी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नहीं थी। रिवर हाइट गोलचक्कर से लेकर GNB मॉल तक लगभग 1 घंटे तक कोई भी वाहन हिल नहीं सका। लोगों को लगा मानो सड़क पर “समय थम गया हो” लेकिन प्रशासन अब भी सो रहा है।

हाल ही में चार्ज लेने वाले ACP ट्रैफिक तृतीय अजय कुमार का कहना है कि-

राजनगर एक्सटेंशन की इस समस्या से निपटने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य किया जायेगा

अब चाहिए समाधान, न कि बयान!

स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये समस्या सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा का प्रश्न है। नागरिकों ने जिला प्रशासन और ट्रैफिक विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह कोई सामान्य ट्रैफिक नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि अब हालात काबू से बाहर हो चुके हैं।

नागरिकों की प्रमुख माँगें:

ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती, राजनगर एक्सटेंशन के सभी प्रमुख चौराहों पर हर समय तैनाती सुनिश्चित की जाए।

सड़क निर्माण कार्य में तेजी, बाईपास और लिंक सड़कों को फास्ट ट्रैक मोड पर पूरा किया जाए।

स्कूल रूट मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाए, ताकि बच्चों की बसें सुरक्षित और समय पर चल सकें।

ट्रैफिक हेल्पलाइन और CCTV निगरानी बढ़ाई जाए।

इसमें कोई शक नहीं बचा है कि जिला प्रशासन इस समस्या को “स्थायी समाधान” के रूप में देखे, न कि केवल एक दिन की समस्या के रूप में। नागरिकों की सुरक्षा, विशेषकर बच्चों की, अब प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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