शिप्रा कृष्णा विस्टा में RWA चुनाव का ऐलान, 5 जुलाई को होगा मतदान
लंबे प्रशासनिक और न्यायिक हस्तक्षेप के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू, निर्वाचन अधिकारी ने जारी की अधिसूचना
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एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क
गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित शिप्रा कृष्णा विस्टा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) में लंबे समय से चल रहे प्रशासनिक और न्यायिक विवादों के बाद आखिरकार चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी एवं निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सोसाइटी की नई प्रबंध समिति के गठन के लिए 5 जुलाई 2026 को मतदान कराया जाएगा, जबकि उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसायटीज एवं चिट्स के निर्देशों के क्रम में सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 की धारा 25(2) के तहत चुनाव संपन्न कराने के लिए निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। चुनाव प्रक्रिया उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट (प्रमोशन ऑफ कंस्ट्रक्शन, ओनरशिप एंड मेंटेनेंस) अधिनियम, 2010 तथा आदर्श उपविधि 2011 के प्रावधानों के अनुरूप कराई जाएगी।
23 जून को जारी होगी मतदाता सूची
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 23 जून को सुबह 11 बजे अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। मतदाता सूची पर आपत्तियां 26 जून दोपहर 2 बजे तक प्राप्त की जाएंगी, जिनका निस्तारण करने के बाद 29 जून को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
29 जून से 1 जुलाई तक नामांकन
चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार 29 जून से 1 जुलाई 2026 तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) 2 जुलाई को होगी और उसी दिन शाम 5 बजे वैध प्रत्याशियों की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।
5 जुलाई को मतदान और उसी दिन मतगणना
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 5 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के एक घंटे बाद, दोपहर 3 बजे से मतगणना शुरू होगी और प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगी।
प्रत्याशी के लिए 2,500 रुपये नामांकन शुल्क
निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक प्रत्याशी के लिए 2,500 रुपये नामांकन शुल्क निर्धारित किया गया है, जो किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा। प्रत्येक उम्मीदवार को दो प्रस्तावक प्रस्तुत करने होंगे, जो संबंधित सोसाइटी के वैध सदस्य और अपार्टमेंट स्वामी हों। कोई भी सदस्य एक से अधिक उम्मीदवारों का प्रस्तावक नहीं बन सकेगा।
बता दें कि शिप्रा कृष्णा विस्टा में प्रबंधन और चुनाव को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ था। मामला प्रशासनिक स्तर से लेकर न्यायिक मंचों तक पहुंचा, जिसके बाद चुनाव कराने की मांग लगातार उठती रही।
