अग्निकांडों पर सिविल सोसाइटी की ऑनलाइन बैठक में उठी जवाबदेही तय करने की मांग
कोचिंग सेंटरों से लेकर अस्पतालों तक सुरक्षा की सोशल ऑडिट हो, संयुक्त समिति बने: कोरवा-यूपी
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में कोचिंग सेंटरों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में हो रही अग्निकांड की घटनाओं को लेकर कोरवा-यूपी की ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में सोसायटी के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
मुख्य संरक्षक कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा कि लगातार हो रही दुर्घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती हैं। अध्यक्ष डॉ. पवन कौशिक ने बताया कि नियमों के अनुसार विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए, लेकिन कई संस्थानों में भीड़भाड़ आम है।
मुख्य सलाहकार डॉ. आर.के. आर्या ने कहा कि प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग होना अनिवार्य है। वहीं महासचिव कैलाश चन्द्र शर्मा ने आपात स्थिति के लिए प्राथमिक चिकित्सा किट, सीढ़ियों और रस्सियों जैसी वैकल्पिक बचाव व्यवस्थाओं को अनिवार्य बनाने का सुझाव दिया।
बैठक में ज्ञान सिंह, चन्दन सिंह, तरुण चौहान, डॉ. मधु सिंह, राज शर्मा, संध्या त्यागी और एडवोकेट अंशु त्यागी ने कहा कि संस्थानों में पर्याप्त वेंटिलेशन, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, अलग शौचालय तथा कार्यशील सीसीटीवी कैमरे होना आवश्यक है।
मंजीत सिंह, संतोष कुमार, भारती शर्मा और मंजू घई सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि यही सुरक्षा मानक होटल, अस्पताल, हॉस्टल, नर्सिंग होम, बैंक्वेट हॉल और पुस्तकालयों पर भी लागू होने चाहिए।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से मांग की गई कि अग्निशमन विभाग, बिजली विभाग, नगर निगम और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों को शामिल कर एक संयुक्त समिति गठित की जाए, जो सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा का सोशल ऑडिट करे तथा उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश कर सके।
