December 11, 2025

बीएचयू में देर रात बवाल: छात्रों–सुरक्षा कर्मियों की झड़प से कैंपस में घंटों तनाव

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NEWS1UP

संवाददाता

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के परिसर में मंगलवार देर रात अचानक तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब छात्रों और प्रीटोरियल सुरक्षा गार्डों के बीच विवाद हिंसक रूप ले गया। छोटी-सी कहासुनी से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि छात्रों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी और कई जगहों पर तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ते देख विश्वविद्यालय प्रशासन को पुलिस और पीएसी की मदद लेनी पड़ी।

तीन घंटे तक रुक-रुक कर चली झड़पें

सूत्रों के अनुसार, राजाराम हॉस्टल के बाहर एक छात्र से मारपीट हो रही थी। सुरक्षाकर्मी जब उसे बचाने और स्थिति शांत करने पहुंचे, तो उन्होंने कुछ उपद्रवी छात्रों को हिरासत में लेकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के हवाले कर दिया। इसी दौरान एक अन्य छात्र को वाहन की टक्कर लग गई, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा भड़क उठा।

आक्रोशित छात्रों ने कुलपति आवास के बाहर धरना दे दिया, जो कुछ ही देर में हिंसक विरोध में बदल गया। छात्रों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, आस-पास लगे गमले और कुर्सियाँ तोड़ डालीं। पोस्टर और बैनर फाड़ दिए गए।

गार्डों और छात्रों समेत पुलिसकर्मी भी घायल

हिंसक झड़प के दौरान कई सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं छात्रों का आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने पहले उन पर लाठीचार्ज किया, जिसके कारण 10 से अधिक छात्र घायल हुए। सीमित बल प्रयोग के बाद भी स्थिति नियंत्रित न होती देख कई थानों से पुलिस फोर्स और पीएसी बुलानी पड़ी। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात काबू में किए।

स्थिति नियंत्रण में: ACP

ACP भेलूपुर गौरव कुमार ने पुष्टि की कि स्थिति अब नियंत्रण में है और शांति बहाल करने के लिए परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात कर दी गई है। विवाद की असल वजह और जिम्मेदारों की पहचान प्रॉक्टर कार्यालय की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

काशी तमिल संगमम के बीच सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

उधर वाराणसी में इन दिनों उत्तर–दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता को समर्पित काशी तमिल संगमम का आयोजन हो रहा है। इस कार्यक्रम में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि और पुडुचेरी के उपराज्यपाल कैलाश नाथ सहित कई गणमान्य हस्तियाँ शामिल होनी हैं।

तमिलनाडु से 1400 से अधिक प्रतिनिधियों का दल काशी पहुंच चुका है। कन्याकुमारी से 43, चेन्नई से 87 और तिरुचिरापल्ली से 86 विद्यार्थी इस सांस्कृतिक संगम में हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में “तमिल करकलाम” अर्थात तमिल भाषा कैसे सीखें, जैसे विशेष सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।

बड़े आयोजन और भारी भीड़ के बीच BHU की इस हिंसक घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने परिसर में कड़ी निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।

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