महागुनपुरम में फिर कटी बिजली, निवासियों में भारी आक्रोश
बकाया भुगतान न होने पर विद्युत विभाग की कार्रवाई, एक माह में दूसरी बार अंधेरे में डूबी सोसाइटी
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एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क
गाजियाबाद। एनएच-24 स्थित महागुनपुरम सोसाइटी में गुरुवार को एक बार फिर बिजली संकट खड़ा हो गया, जब विद्युत विभाग ने बकाया भुगतान न होने के कारण सोसाइटी की विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से काट दी। यह इस महीने दूसरी बार है जब विभाग को ऐसी कार्रवाई करनी पड़ी है। घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों में चिंता और नाराजगी दोनों देखने को मिलीं।
विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता अविनाश अग्रहरी के अनुसार, महागुन रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड पर विभाग का लगभग 19 लाख रुपये बकाया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले बकाया राशि करीब 34 लाख रुपये थी, जिसके चलते विभाग ने बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। बाद में 15 लाख रुपये जमा कराने पर आपूर्ति बहाल की गई थी और मेंटेनेंस एजेंसी द्वारा एक सप्ताह के भीतर शेष 19 लाख रुपये जमा कराने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
अग्रहरी के अनुसार विभाग ने बकाया जमा कराने की शर्त पर तथा निवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति पुनः जोड़ने पर सहमति जताई है। हालांकि समाचार लिखे जाने (रात करीब 8.30 बजे तक) तक सोसाइटी की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी और निवासी बिजली संकट का सामना कर रहे थे।
निवासियों में गहरा असंतोष
बार-बार बिजली कटौती से महागुनपुरम के निवासी बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि मेंटेनेंस एजेंसी की वित्तीय लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। कई निवासियों ने सवाल उठाया कि जब वे नियमित रूप से मेंटेनेंस शुल्क और बिजली का भुगतान कर रहे हैं, तो फिर विभागीय बकाया क्यों बढ़ रहा है और उसकी सजा आम निवासियों को क्यों दी जा रही है।
निवासियों का यह भी आरोप है कि बकाया भुगतान न होने के कारण उन्हें बिजली विभाग द्वारा समय पर भुगतान करने पर दी जाने वाली एक प्रतिशत की छूट का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। इससे उनके आर्थिक नुकसान के साथ-साथ असुविधाएं भी बढ़ रही हैं।
इस सम्बन्ध में मेंटिनेंस एजेंसी सीएसके के अधिकारी विनीत त्यागी से बात करने लिए कई मोबाइल पर कॉल किया, परन्तु उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
