मोती रेजीडेंसी में रेजिडेंट्स का फिर फूटा गुस्सा: कम्पलीशन सर्टिफिकेट के बिना 13 साल से जिंदगी दांव पर
मेंटिनेंस शुल्क बढ़ोतरी, बिजली चोरी और अधूरी सुविधाओं से त्रस्त निवासियों का प्रदर्शन
बोले, घर खरीदा या मुसीबत ?
NEWS1UP
एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित मोती रेजीडेंसी में रविवार को एक बार फिर निवासियों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। वर्षों से अधर में लटके कम्पलीशन सर्टिफिकेट (पूर्णता प्रमाण पत्र), लगातार बढ़ाए जा रहे मेंटिनेंस शुल्क से परेशान लोगों ने बिल्डर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए निवासियों ने बिल्डर के सेल्स ऑफिस पर ताला जड़ दिया और एस्टेट मैनेजर को बिल्डर के नाम अपना मांगपत्र सौंप दिया।

बिल्डर से संपर्क की कोशिश नाकाम, डीएम से लगाई न्याय की गुहार
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार बिल्डर से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसने कॉल तक रिसीव करना उचित नहीं समझा। इससे नाराज लोगों ने सेल्स ऑफिस पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। इससे पहले निवासी पूरे मामले से जिलाधिकारी को ई-मेल के माध्यम से अवगत करा चुके हैं और तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
13 साल बाद भी नहीं मिला कम्पलीशन सर्टिफिकेट, सबसे बड़ा सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि वर्ष 2013 से फ्लैटों का कब्जा देने वाला बिल्डर आज तक गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से कम्पलीशन सर्टिफिकेट हासिल नहीं कर पाया। इसके बावजूद वर्षों से निवासियों से मेंटिनेंस शुल्क वसूला जा रहा है। लोगों का कहना है कि बिना पूर्णता प्रमाण पत्र के वे लगातार असुरक्षा और अनिश्चितता के माहौल में रहने को मजबूर हैं।
सिर्फ कागज नहीं, हजारों परिवारों के भविष्य का सवाल
निवासियों का कहना है कि कम्पलीशन सर्टिफिकेट का अभाव केवल एक तकनीकी कमी नहीं, बल्कि हजारों लोगों के भविष्य पर मंडराता गंभीर खतरा है। बिना इस प्रमाण पत्र के संपत्ति की वैधानिक स्थिति हमेशा संदेह के घेरे में रहती है। भविष्य में रजिस्ट्री, बैंक ऋण, बीमा दावों, सोसायटी के विधिवत हस्तांतरण, सरकारी सुविधाओं तथा अन्य कानूनी अधिकारों पर भी प्रश्नचिह्न लग सकता है। यदि किसी दिन प्रशासनिक या न्यायिक कार्रवाई होती है तो सबसे अधिक नुकसान उन परिवारों को होगा, जिन्होंने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर यह घर खरीदा है।

जीडीए पर भी उठे सवाल, आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ समाधान
निवासियों का आरोप है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में पहले भी बिल्डर के साथ बैठक कराई गई थी और समयबद्ध आश्वासन दिलाया गया था। लेकिन तय समय गुजर जाने के बावजूद न तो अधूरे कार्य पूरे हुए और न ही कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त किया गया। इससे लोगों में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भी गहरा असंतोष है।
महिलाओं और बच्चों ने भी संभाला मोर्चा
प्रदर्शन में रितेश कुमार, बी.के. शर्मा, अखिलेश कुमार, अमित सिंह, अमित कुमार पटेल, मोहित सैनी, शोभित मिश्रा, रीता मिश्रा, नितिन दत्त, राहुल कुमार, विष्णु शर्मा, कुलश्रेष्ठ, पंकज कुमार, विप्लव कुमार, ए.के. शर्मा, प्रदीप सारस्वत, राजीव श्रीवास्तव, सुधीर कुमार, अनूप, सोनी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल रहे।
निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त कराने, अधूरे कार्य पूरे कराने तथा मनमानी मेंटिनेंस वसूली पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।
