रामलला दर्शन का ऐलान, भाजपा पर अखिलेश का बड़ा हमला
‘रामनगरी में गोरखधंधा’, ‘नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट’: अखिलेश यादव
पेपर लीक, आरक्षण और शिक्षक भर्ती पर भी सरकार को घेरा
NEWS1UP
पॉलिटिकल डेस्क
प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को प्रयागराज में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर, शिक्षक भर्ती, आरक्षण, पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाते हुए कई तीखी राजनीतिक टिप्पणियां कीं।
राम मंदिर से जुड़े कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “रामनगरी में गोरखधंधा चल रहा है। हम चाहते हैं कि सनातन धर्म की रक्षा हो, लेकिन सनातन धर्म की आड़ में गोरखधंधा न हो।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए “नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट” है और श्रद्धा-आस्था के साथ बड़ा खिलवाड़ किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए उन्होंने “चिराग तले अंधेरा” मुहावरे का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अयोध्या कई बार गए, लेकिन वहां क्या हो रहा था, इसकी जानकारी नहीं मिली। यदि अयोध्या का यह हाल है, तो तहसीलों और थानों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
भाजपा पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “भाजपा का नाम ‘भाचपा’ होना चाहिए, चतुराई, चंदा, चोरी और चालबाजी की पार्टी।” उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के शब्दकोष में “न धर्म है, न शर्म।”
69 हजार शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाते हुए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को निर्धारित आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में मनमानी कर रही है।
पेपर लीक को युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “अगर हम पेपर लीक और छात्रों की बात न करें तो चर्चा अधूरी रहेगी। नौजवान ही देश का भविष्य और उसकी मजबूत नींव हैं।” उन्होंने उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में सामने आए पेपर लीक मामलों का उल्लेख करते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
अखिलेश यादव ने कहा कि इटावा में मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद वह अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा, आरक्षण और राम मंदिर से जुड़े कथित घोटालों पर भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है तथा जनता इन मुद्दों का जवाब चुनाव में देगी।
