दिल्ली में 1 जुलाई से नई EV पॉलिसी लागू, BS-IV कार स्क्रैप करने पर मिलेगा 1 लाख रुपए तक का इंसेंटिव
पेट्रोल-डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर बढ़ेगा राजधानी का कदम
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, दिल्ली कैबिनेट ने इस नीति को हरी झंडी दे दी है और इसे 1 जुलाई 2026 से लागू किए जाने की उम्मीद है।
नई EV पॉलिसी की सबसे बड़ी घोषणा BS-IV पेट्रोल और डीजल वाहनों को लेकर की गई है। यदि कोई वाहन मालिक अपनी BS-IV कार को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर स्क्रैप कराकर उसके स्थान पर नई इलेक्ट्रिक कार खरीदता है, तो उसे सरकार की ओर से 1 लाख रुपए तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे राजधानी की सड़कों से पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहन हटेंगे तथा उनकी जगह पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहन लेंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई नीति का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीद को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि दिल्ली में पूरा EV इकोसिस्टम विकसित करना है। इसके तहत शहरभर में चार्जिंग स्टेशनों का तेजी से विस्तार, बैटरी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, निजी एवं सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाओं में वृद्धि और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा।
सरकार का अनुमान है कि इस नई EV पॉलिसी के माध्यम से अगले चार वर्षों में लगभग 15,000 करोड़ का निवेश आकर्षित होगा। यह निवेश चार्जिंग नेटवर्क, EV मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेंटर, बैटरी टेक्नोलॉजी और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में होगा। इससे न केवल राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को नई गति मिलेगी, बल्कि हजारों नए रोजगार के अवसर भी सृजित होने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि यह नीति दिल्ली को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण-मुक्त परिवहन व्यवस्था की दिशा में ले जाने वाला एक बड़ा कदम साबित होगी। विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि नीति का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो आने वाले वर्षों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।
