गाजियाबाद में सड़क हादसे रोकने की नई तैयारी: ब्लैक स्पॉट पर पहुंचते ही गूगल मैप देगा वॉयस अलर्ट
30 दुर्घटना संभावित स्थानों को डिजिटल मैपिंग से जोड़ने की तैयारी, ट्रैफिक पुलिस ने शुरू की प्रक्रिया
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस एक नई तकनीकी व्यवस्था लागू करने की तैयारी में जुटी है। योजना के तहत जिले के करीब 30 दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) स्थानों को गूगल मैप पर चिन्हित कराया जाएगा। इसके बाद इन स्थानों के पास पहुंचने वाले वाहन चालकों को मोबाइल पर वॉयस अलर्ट मिलने की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि वे पहले से सतर्क होकर वाहन की गति नियंत्रित कर सकें।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, ब्लैक स्पॉट की सूची गूगल मैप से समन्वय करने वाली एजेंसी को भेजी जा चुकी है। तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने और अपडेट होने के बाद ही यह सुविधा शुरू होगी। इसके बाद नेविगेशन का उपयोग कर रहे वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र के निकट पहुंचते ही मोबाइल पर ऑडियो चेतावनी मिलने लगेगी।
जहां सबसे ज्यादा हादसे, वहीं सबसे पहले चेतावनी
ब्लैक स्पॉट वे स्थान हैं जहां पिछले वर्षों में बार-बार गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इन्हें चिन्हित करने के बाद संबंधित विभागों ने वहां सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए कई सुधार कार्य कराए हैं। सड़क चौड़ीकरण, अतिरिक्त लेन, दिशा-सूचक संकेतक, रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग, कैट्स आई, क्रैश बैरियर और अन्य इंजीनियरिंग सुधार किए गए हैं। इन उपायों से कई स्थानों पर दुर्घटनाओं में कमी भी दर्ज की गई है, लेकिन कुछ क्षेत्र अब भी संवेदनशील बने हुए हैं।
इन स्थानों को किया गया है चिन्हित
बस अड्डा क्षेत्र, मोहननगर तिराहा, वैशाली मेट्रो स्टेशन, कौशांबी मेट्रो स्टेशन, कौशांबी बस अड्डा सहित जिले के कई स्थान फिलहाल ब्लैक स्पॉट की सूची में शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों को भी दुर्घटना संभावित क्षेत्र मानते हुए विशेष निगरानी की जा रही है।
तकनीक के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को पहले से चेतावनी मिल सकेगी, जिससे वे सुरक्षित ढंग से वाहन चला सकेंगे। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल तकनीक से नहीं, बल्कि यातायात नियमों के पालन और जिम्मेदार ड्राइविंग से ही सुनिश्चित हो सकती है।
यदि योजना सफल रही तो मिलेगा बड़ा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीकी व्यवस्था तय योजना के अनुसार लागू होती है और ब्लैक स्पॉट की जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जाती है, तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। हालांकि इसके साथ सड़क इंजीनियरिंग सुधार, प्रभावी निगरानी और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन भी उतना ही आवश्यक होगा।
